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DGP यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज न करवाने को लेकर गिड़गिड़ाए थे-TN पुलिस अधिकारी बोले, पैर छूने को भी थे तैयार

बेंगलुरु: तमिलनाडु में एक विशेष पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे शिकायत दर्ज कराने से रोकने के लिए आईपीएस अधिकारी ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी, जिसमें अपनी गलती के लिए बार-बार माफी मांगने से लेकर उसे डराने के लिए ‘सरकारी तंत्र का दुरुपयोग’ तक शामिल है.

महिला अधिकारी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि डीजीपी ने उससे बार-बार कहा कि वह ‘उसके पैरों पर गिरकर अपने किए की माफी मांगने को तैयार हैं.’

एफआईआर 1 मार्च को दर्ज की गई थी. इसमें अधिकारी ने आरोप लगाया है कि विशेष पुलिस महानिदेशक ने बार-बार उसका हाथ पकड़ा, उसे चूमा और यहां तक कि गाना गाने को कहा. एफआईआर के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब महिला अधिकारी 21 फरवरी को मुख्यमंत्री इडापड्डी पलानीसामी की यात्रा के दौरान करूर जिले में ड्यूटी पर थी.

प्राथमिकी में महिला अधिकारी ने कहा है कि घटना के एक दिन बाद जब स्पेशल डीजीपी को पता लगा कि वह ‘चेन्नई में पुलिस के प्रमुख’ के पास शिकायत दर्ज कराने वाली है तो उन्होंने माफी मांगनी शुरू कर दी.

उन्होंने एक ‘सुलह समझौता’ करने के लिए कथित तौर पर उसके ससुर को फोन भी किया था.

उसने अपनी शिकायत में कहा है कि जब वह करूर से चेन्नई लौट रही थी, तो उसके पति ने उसे फोन किया और बताया कि उनके पिता के पास वरिष्ठ डीजीपी की ओर से फोन आया था.

शिकायत में लिखा है, ‘मेरे पति ने फोन करके मुझे बताया कि किसी ने मेरे ससुर से बात की थी और उन्हें बताया था कि डीजीपी (नाम हटाया गया) ने मेरे साथ अनुचित व्यवहार किया है और वह मेरे पैरों पर गिरकर माफी मांगने को तैयार हैं. मेरे ससुर ने गुस्से में फोन काट दिया.’

मद्रास हाईकोर्ट ने कथित उत्पीड़न मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है और अब खुद ही केस पर नजर बनाए हुए है, जिसकी जांच अपराध शाखा द्वारा की जा रही है. अदालत ने मीडिया को दोनों अधिकारियों के नाम जाहिर करने से भी रोक दिया है.

अधिकारी का आरोप, डीजीपी ने शिकायत दर्ज कराने से रोकने का प्रयास किया

महिला अधिकारी ने दो शिकायतें दर्ज कराई हैं, इसमें पहली घटना के संदर्भ है और दूसरी ‘आपराधिक कृत्यों’ का ब्योरा है जो उसे चेन्नई में पुलिस मुख्यालय तक पहुंचने से रोके जाने के लिए दर्ज कराई गई है.

उसने आरोप लगाया कि विशेष पुलिस महानिदेशक ने अपनी समकक्ष रैंक के तीन आईपीएस अधिकारियों के जरिये उसे एक संदेश भेजा था ताकि वह उसे पुलिस मुख्यालय में न जाने के लिए मना सकें.

एफआईआर में लिखा है, ‘डीजीपी मुझे फोन करते रहे लेकिन मैंने उनके फोन नहीं उठाए. उन्होंने मुझे एक व्हाट्सएप मैसेज संदेश भेजा, जिसमें लिखा था, ‘(नाम हटाया गया है) प्लीज कॉल मी.’

अधिकारी ने आगे कहा है कि स्पेशल डीजीपी एक ‘स्ट्राइकिंग फोर्स’ के पीछे थे जिसने उसे अपनी शिकायत दर्ज कराने से रोकने के सारे प्रयास किए.

एफआईआर के मुताबकि, ‘मुझे कार्यवाही को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए मेरी सरकारी गाड़ी के सामने स्ट्राइकिंग फोर्स का वाहन तैनात कर दिया गया. उन्होंने मेरी कार की चाबी निकाल ली और मैं अपनी जान का खतरा महसूस करते हुए अकेले कार में बैठी रही…उन्होंने मुझे बताया कि विशेष डीजीपी ने उन्हें मेरी कार को रोकने के लिए कहा था. मैंने जाने देने के लिए कहा लेकिन उन्होंने मेरा रास्ता नहीं छोड़ा.’

महिला अधिकारी ने यह भी कहा कि एक अन्य अधिकारी ने उसे बताया था कि डीजीपी उससे बात करना चाहते हैं.

एफआईआर के मुताबिक, ‘मैंने अपनी कार में पांच मिनट तक इंतजार किया और फिर सेल फोन ले लिया. उन्होंने सबसे पहली बात यही कही कि मैं तुम्हारे पैरों पर गिरने को तैयार हूं और अपने कृत्यों के लिए माफी मांगता हूं.’

महिला अधिकारी ने आगे कहा है कि वह मुख्यालय को इस घटना की जानकारी देने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ थीं और उन्होंने यह बात अधिकारी को बता दी थी.


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यौन उत्पीड़न का मामला

प्राथमिकी में अधिकारी ने आरोप लगाया कि विशेष डीजीपी ने उससे कहा था कि वह 21 फरवरी को मुख्यमंत्री की बैठक के लिए उनकी कार में साथ जा सकती है.

प्राथमिकी में बताया गया है कि कार में वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर उसका हाथ पकड़ लिया और ‘करीब 20 मिनट तक’ गाना गाते रहे और इसके बाद उन्होंने उसके हाथ को उठाकर उसे चूम लिया.

एफआईआर में बताया गया है, ‘इसके बाद मैंने अपना हाथ खींच लिया और उन्हें बताया कि मुझे यह अच्छा नहीं लगा और यह अनुचित है. उन्होंने कहा कि सिर्फ पांच मिनट और मेरा हाथ फिर से पकड़ लिया. तभी घबराहट और चिंता के कारण मेरी हथेलियों पर पसीना आ गया और उन्हें इसका एहसास हुआ, तो पसीना पसीना पोंछने के लिए मुझे अपना तौलिया दे दिया.’

यात्रा के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर उसे उसकी एक तस्वीर भी दिखाई थी जो उन्होंने कुछ समय पहले महिला अधिकारी के कार्यालय परिसर में आने के दौरान क्लिक की थी.

एफआईआर में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारी ने उससे कहा कि उन्होंने यह तस्वीर अपने पसंदीदा लोगों के साथ सेव कर ली ताकि वह आसानी से इसे खोज सकें.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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