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कांग्रेस में शामिल हुए जिग्नेश की युवाओं से अपील- अर्जेंसी है, कूद पड़िए, एक नया आंदोलन छिड़ने वाला है

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी में शामिल आज शामिल होने के दौरान गुजरात से बडगाम के विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि आज देश बचाने, लोकतंत्र बचाने, आइडिया ऑफ इंडिया को बचाने की जरूरत है. यह अर्जेंसी का टाइम है, देश के युवा इस संघर्ष में कूद जाएं. उन्होंने कहा, ‘हम देशभर में जाएंगे और लाखों-करोड़ो युवाओं को इकट्ठा कर माहौल खड़ा करेंगे.’

वहीं जिग्नेश ने कहा कि ‘जो कहानी गुजरात से शुरू हुई उसने पिछले 6-7 साल में क्या उत्पात मचाया है. वह हम सबके सामने है.’ एक राष्ट्र के तौर पर हम अभूतपूर्व संकट से गुजर रहे हैं. ऐसा संकट इस मुल्क ने पहले कभी नहीं देखा.

मेवानी ने कहा कि हमारे संविधान पर हमला हो रहा है. दिल्ली की सड़कों पर संविधान की कॉपी को जलाया जाता है. हमारे आइडिया ऑफ इंडिया पर हमला हो रहा, हमारे लोकतंत्र पर हमला हो रहा है.

‘आज भाई-भाई एक-दूसरे का दुश्मन बन जाए, उतना जहर एक सोची-समझी साजिश के तहत दिल्ली और नागपुर से फैलाया जा रहा है.’ उन्होंने कहा कि इस लिहाज से एक नेता नहीं आम देश के नागरिक के तौर पर सोचता हूं कि इस समय हमारी एक बेसिक जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए तो अंदर से आवाज आती है कुछ भी करके इस देश के लोकतंत्र, इस देश के संविधान, आइडिया ऑफ इंडिया को बचाना चाहिए.

मेवानी ने कहा ‘अगर उसे बचाना है तो हमें उनके साथ खड़े होना है जो न केवल स्वतंत्रता के आंदोलन में योगदान दिया है बल्कि उसको लीड किया है और अंग्रेजों को यहां से खदेड़ कर दिखाया है. इसलीलिए मैं आज इस इंडियन नेशनल कांग्रेस के मंच पर खड़ा हूं.’

जिग्नेश मेवानी ने कहा कि वह तकनीकी तौर पर फॉर्मली कांग्रेस पार्टी ज्वाइन नहीं कर सकते क्योंकि वह एक निर्दलीय विधायक हैं.

‘मेरी कांग्रेस पार्टी के नेताओं, राहुल जी और खुद से बात हुई तो मुझे लगा कि सबसे बड़ी बात ये है न कि इस पार्टी के विचार के साथ तो हूं न. मैं इस मुहिम और संघर्ष के साथ हूं. ये सबसे महत्वपूर्ण बात है. बाकी की फार्मैलिटी तो आने वाले महीनों में भी हो जाएगी. और राहुल जी ने भी कहा कि वो जो पर्चा भरकर सदस्य होने की बात है वो कल भी कर लेना अभी अपने मत क्षेत्र के लोगों के साथ खड़े रहो. तो मैं फार्मली नहीं लेकिन इस विचार के साथ आज जुड़ चुका हूं.’

उन्होंने कहा कि गुजरात में 2022 के चुनाव से कांग्रेस के सिंबल से ही चुनाव लड़ूंगा और उसका हिस्सा रहूंगा.

जिग्नेश मेवानी ने कहा कि आज राष्ट्रीय स्तर पर जो कुछ हो रहा है वो सब हम गुजरात में देख चुके हैं, झेल चुके हैं.

‘मैं बहुत चिंता के साथ ये कहना चाहता हूं कि 3000 किलो ड्रग्स 15-20 लाख युवा को नशे के चंगुल में फंसाने के लिए अडानी के एयरपोर्ट पर उतर रहा है.

आज जब महंगाई और बेरोजगारी चरम सीमा पर है तो गुजरात के युवाओं को रोजगार देने के बजाय ये फांसीवादी ताकतें चाहती हैं कि रोजगार तो न मिले उनके नशे के हवाले झोंक दिया जाय.

उन्होंने कहा कि इन सब हालातों में अगर बाबा साहब के संविधान को बचाना है, आइडिया ऑफ इंडिया को बचाना है और भगत सिंह की मुकदमे की कार्यवाही के दौरान जब पूछा गया कि क्रांति क्या है तो शहीद-ए-आजम भगत से ने कहा था कि किसानों और मजदूरों हाथ में सत्ता देना.

जिग्नेश ने कहा ‘नरेंद्र मोदी जब अमेरिका से लौटे तो वह देखने पहुंचे कि विस्टा का काम ठीक-ठाक चल रहा है न, नई पार्लियामेंट का, वो देखने के लिए जाते हैं, लेकिन किसान से मिलने के लिए नहीं जाते.’ उन्होंने कहा, ‘तो किसान हो, मजदूर हो, दलित हो, आदिवासी हो, महिलाएं हों सबके ऊपर एक जो अभूतपूर्व हमला हो रहा है, इसको रोकने के लिए भारत की जनता को, भारत के 21 करोड़ दलितों को, लाखों-करोड़ों युवाओं को अपील करता हूं कि सेंस ऑफ अर्जेंसी के साथ अभी वक्त नहीं है, कूद पड़िए. एक नया आंदोलन छिड़ने वाला है.’

‘स्वतंत्रता के आंदोलन का जो माहौल था उसे हमें फिर बनाना पड़ेगा. जिन लोगों का मानना है कि देश को बचाना है उन सभी से अपील करते हैं कि इस प्लेटफार्म के साथ जुड़िए और इसे एक मिशन की तरह लीजिए. साथ में हम लोग मिलकर लड़ेंगे, संघर्ष करेंगे और इस मुल्क को बचा पाएंगे.’

‘हम पूरे देश में जाएंगे, लाखों-करोड़ों युवाओं को इकट्ठा करेंगे और मिलकर एक माहौल खड़ा करेंगे.

कन्हैया ने पत्रकारों के सवालों का दिया जवाब

कन्हैया ने एक सवाल के जवाब में कहा ‘मैंने ये नहीं कहा कि कांग्रेस खतरे में है, बल्कि देश खतरे में है, लोकतंत्र खतरे में है, आइडिया ऑफ इंडिया खतरे में है.’

कुमार ने कहा कि ‘आपने लाश के ऊपर डांस का वीडियो देखा होगा न, आपका दिल पसीज गया होगा. आपको नहीं लगा कि इसके लिए कुछ करती. वहीं जब किसी महिला का बलात्कार होता है तो आपका शरीर गुस्से से कांप जता होगा. देश खतरे में है, पार्टियां तो बनती रहेंगी. पार्टियों की कोई कमी है क्या इस देश में. पार्टी हर शाम इस देश में होती रहती हैं. देश बचाना है, देश बचाने की मुहिम में जो पार्टी रहेगी वह पार्टी भी बचेगी.’

‘हमने जो पढ़ा है उसमें आजादी महात्मा गांधी, पटेल, सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों ने ही दिलाया था. यही लोग लड़े थे.’

कन्हैया अपरोक्ष तौर पर इस दौरान आरएसएस पर तंज कसा कि, ‘जो माफी मांगे वो वीर (वीर सावरकर) हो गए, जो गोडसे को भगवान मानते हैं वे (नरेंद्र मोदी) अमेरिका में जाकर गांधी जी पर भाषण दे रहे हैं. हमारे गांव में एक गाना आता था. गांधीजी का भजन करे गांधीजी का हत्यारा. कितना अजीब लगती है वो फोटो जब मोदी गांधी जी की तस्वीर पर माल्यार्पण करते हैं. जीवन भर शपथ लिए होंगे गोडसे का देश बनाएंगे और गांधी जी पर माला चढ़ा रहे हैं.’

कन्हैया ने कहा हमारे गांव में कोई मर जाता है तो पूरे गांव में खाना नहीं बनता. लेकिन इस देश में प्रधानमंत्री के लिए सोहर (पूरब में बच्चा पैदा होने पर गाया जाना वाला एक लोकगीत) गाया जा रहा है तब जब इस देश में लाखों लोग मर गए हैं.

कन्हैया सवाल किय कि ‘क्या आप में से कोई ऐसा है जिसके कोई जानने वाले नहीं मरे हों इसमें. जिसके देश में इतना बड़ा क्राइसिस हुआ हो वह अपने जन्मदिन का जश्न मनाएगा? ये भोंडापन है’

‘एक संस्कृति को बचाने की जरूरत है जो कि मुझे लगता है वह क्षमता कांग्रेस में है. लोगों को भले पता न हो पार्लियामेंट कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है. इस पार्टी को वह जिम्मेवारी लेनी पड़ेगी और मैं उस जिम्मेवारी को यहां संभालने के लिए आया हूं.’

कन्हैया ने कहा, ‘हम भारत को बचाने, गांधी के भारत, अंबेडकर के भारत, बिरसा मुंडा के भारत, भगत सिंह के भारत, सावित्रीबाई फुले के भारत को बचाने की बात कर रहे हैं.’ इस भारत में यकीन करने लोग मानते हैं कि थोड़ा आलसी हैं लेकिन अंग्रेजों ने हम पर 200 साल राज किया था और जब गांधी के नेतृत्व में देश अपने पर आ गया ना तो उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ा.’

‘इसलिए देश बचाने, एक चिंतन परंपरा को बचाने की जरूरत है. और पार्टी अगर इस सिद्धांत पर चलेगी तो वह भी बचेगी और पार्टिी सत्ता में भी आएगी, ऐसी मेरी उम्मीद है.’

कन्हैया ने एक दूसरे सवाल के जवाब में कहा कि हमारी राजनीति लेफ्ट, राइट के भूल-भुलैया में खो गई है, असल पोजिशिनिंग कहां है उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

कन्हैया ने कहा ‘उन्हें लेफ्ट पार्टी से होने का गर्व है क्योंकि मैं वहां पैदा हुआ हूं, मेरी ट्रेनिंग हुई है वहां, लेकिन वह जिस तरह का संघर्ष कर रहे हैं उसे स्पीड देने की जरूरत है, एक वैचारिक संकीर्णता को तोड़ने की जरूरत है. विचार की खोल में ऐतिहासिक परंपरा को उलझाने की जरूरत नहीं’

‘आज लेफ्ट राइट में फंसने की जरूरत नहीं क्योंकि आज जो व्यक्ति हमारे सामने है वह गोविंदा है, और ड्रेस बदलता रहता है.’

जिग्नेश ने एक सवाल के जवाब में कहा कि विपक्ष का चेहरा तो मीडिया को भी होना चाहिए. उन सबको होना चाहिए जो आइडिया ऑफ इंडिया में विश्वास रखते हैं.’

 

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